चक्रवृद्धि ब्याज कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
- मूलधन की रकम डालें।
- सालाना ब्याज दर और समय सालों में डालें।
- चुनें कि ब्याज कितनी बार जुड़ता है, फिर कुल रकम देखें।
इस टूल के बारे में
चक्रवृद्धि ब्याज में हर अवधि का ब्याज मूलधन में जुड़ जाता है, इसलिए अगली बार ब्याज बड़ी रकम पर लगता है। फ़ॉर्मूला है A = P × (1 + r/n)n × t और चक्रवृद्धि ब्याज = A − P, जहाँ P मूलधन, r सालाना दर (दशमलव में), n साल में कितनी बार ब्याज जुड़ता है और t समय सालों में।
उदाहरण: ₹1,00,000 पर 8% सालाना कंपाउंडिंग से 10 साल में ₹2,15,892 बनते हैं — ₹1,15,892 ब्याज, जबकि साधारण ब्याज सिर्फ ₹80,000 होता। जितनी बार ज़्यादा कंपाउंडिंग होगी और जितने लंबे समय तक पैसा लगा रहेगा, फ़र्क उतना बड़ा होगा। एक आसान नियम: पैसा लगभग 72 ÷ दर साल में दोगुना होता है (Rule of 72)।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
चक्रवृद्धि ब्याज का फ़ॉर्मूला क्या है?
A = P(1 + r/n)^(nt)। चक्रवृद्धि ब्याज = A − P।
₹1 लाख पर 8% की दर से 10 साल का चक्रवृद्धि ब्याज कितना होगा?
सालाना कंपाउंडिंग पर रकम ₹2,15,892 हो जाती है, यानी चक्रवृद्धि ब्याज ₹1,15,892।
क्या मासिक कंपाउंडिंग सालाना से बेहतर है?
हाँ, एक ही दर पर। ज़्यादा बार कंपाउंडिंग से ब्याज पर ब्याज जल्दी मिलने लगता है, इसलिए आखिरी रकम थोड़ी ज़्यादा होती है।