HRA छूट कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
- चुनें कि रकम मासिक है या सालाना, और आपका शहर किस तरह का है।
- अपनी बेसिक सैलरी, DA और मिला HRA डालें।
- आप जो किराया देते हैं वह डालें — टैक्स-फ्री और टैक्सेबल HRA तुरंत दिखेगा।
इस टूल के बारे में
धारा 10(13A) के तहत HRA का टैक्स-फ्री हिस्सा तीन रकमों में से सबसे कम होता है: (1) असल में मिला HRA, (2) दिया गया किराया माइनस सैलरी का 10%, और (3) अगर आप दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई में रहते हैं तो सैलरी का 50%, बाकी जगह 40%। यहाँ “सैलरी” का मतलब है बेसिक पे और महंगाई भत्ता (DA, अगर वह रिटायरमेंट बेनिफिट में गिना जाता है)। बाकी HRA टैक्सेबल होता है।
उदाहरण: बेसिक ₹50,000 महीना, HRA ₹20,000, मेट्रो में किराया ₹18,000 → तीनों रकमें ₹20,000, ₹13,000 और ₹25,000 हैं, इसलिए ₹13,000 महीना (₹1,56,000 सालाना) टैक्स-फ्री है। HRA छूट सिर्फ पुरानी टैक्स व्यवस्था (old regime) में मिलती है। किराए की रसीदें संभालकर रखें, और अगर किराया ₹1 लाख सालाना से ज़्यादा है तो मकान मालिक का PAN अपने एम्प्लॉयर को दें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
HRA के लिए कौन से शहर मेट्रो हैं?
सिर्फ दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और चेन्नई को 50% की लिमिट मिलती है। बेंगलुरु, हैदराबाद, पुणे, गुरुग्राम और बाकी सभी शहरों में 40% लगता है।
क्या नई टैक्स व्यवस्था में HRA क्लेम कर सकते हैं?
नहीं। HRA छूट सिर्फ तभी मिलती है जब आप पुरानी व्यवस्था (old regime) चुनते हैं।
क्या माता-पिता को किराया देकर HRA क्लेम कर सकते हैं?
हाँ, अगर आप सच में किराया देते हैं और मकान उनके नाम है; उन्हें यह किराया अपनी आय में दिखाना होगा। रेंट एग्रीमेंट और बैंक ट्रांसफर का रिकॉर्ड रखें।