महंगाई (इन्फ्लेशन) कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
- चुनें: भविष्य की कीमत या आज की वैल्यू।
- रकम और अनुमानित महंगाई दर डालें।
- साल की संख्या डालें।
इस टूल के बारे में
इन्फ्लेशन का मतलब है कि समय के साथ दाम बढ़ते हैं, इसलिए उतने ही रुपये में कम सामान आता है। किसी चीज़ की भविष्य की कीमत = आज की कीमत × (1 + महंगाई)साल, और भविष्य में मिलने वाली रकम की आज के पैसों में वैल्यू = भविष्य की रकम ÷ (1 + महंगाई)साल। 6% महंगाई पर, जो चीज़ आज ₹1,00,000 की है, वह 10 साल में लगभग ₹1,79,085 की होगी।
पिछले कुछ सालों में भारत की कंज़्यूमर प्राइस (CPI) महंगाई ज़्यादातर लगभग 2% से 7% सालाना के बीच रही है, जबकि पढ़ाई और इलाज जैसे खर्च अक्सर इससे तेज़ बढ़ते हैं। लंबे समय की प्लानिंग के लिए 6% एक आम अनुमान है, लेकिन आप इसे बदल सकते हैं। इस कैलकुलेटर से बचत के सही लक्ष्य तय करें — आपकी असली दौलत तभी बढ़ेगी जब निवेश महंगाई से ज़्यादा कमाए।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
6% महंगाई पर 10 साल बाद ₹1 लाख की वैल्यू कितनी होगी?
उससे उतना ही सामान आएगा जितना आज लगभग ₹55,839 में आता है। दूसरे शब्दों में, जो चीज़ आज ₹1 लाख की है, वह लगभग ₹1,79,085 की होगी।
कौन सी महंगाई दर इस्तेमाल करें?
भारत के लिए लंबे समय का आम अनुमान 6% है। पढ़ाई या इलाज के खर्च के लिए 8–10% लें, क्योंकि ये आम दामों से तेज़ बढ़ते हैं।
महंगाई मेरी बचत पर कैसे असर डालती है?
अगर टैक्स के बाद आपकी बचत पर महंगाई से कम कमाई होती है, तो रुपये बढ़ने के बावजूद उसकी असली वैल्यू घटती है।