RD कैलकुलेटर कैसे इस्तेमाल करें
- हर महीने कितना जमा करेंगे, वह डालें।
- RD की ब्याज दर और अवधि डालें।
- मैच्योरिटी वैल्यू, कुल जमा और कमाया गया ब्याज देखें।
इस टूल के बारे में
भारत में बैंक और पोस्ट ऑफिस RD का ब्याज हर तिमाही कंपाउंड करते हैं, जबकि पैसा हर महीने जमा होता है। इसलिए हर किस्त उतने समय तक बढ़ती है जितने समय वह खाते में रहती है: M = Σ R × (1 + r/400)k/3, यानी सभी किस्तों का जोड़, जहाँ R महीने की जमा रकम, r सालाना दर % में और k वह महीने हैं जितने समय वह किस्त जमा रहती है (पहली किस्त के लिए पूरी अवधि, आखिरी के लिए 1 महीना)।
उदाहरण: ₹5,000 हर महीने, 12 महीने, 7% पर लगभग ₹62,311 बनते हैं, जिसमें ₹2,311 ब्याज है। RD के ब्याज पर FD की तरह टैक्स लगता है। बैंक दरें अक्सर बदलते हैं, इसलिए अपनी अवधि के लिए अपने बैंक या पोस्ट ऑफिस की दर डालें। शादी, फीस या गाड़ी जैसे छोटे लक्ष्यों के लिए RD अच्छा तरीका है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
भारत में RD का ब्याज कैसे निकाला जाता है?
बैंक ब्याज तिमाही कंपाउंड करते हैं। हर महीने की किस्त पर उतने महीनों का चक्रवृद्धि ब्याज मिलता है जितने समय वह खाते में रहती है, और मैच्योरिटी पर सबको जोड़ दिया जाता है।
₹5,000 महीने की RD 1 साल में 7% पर कितनी बनेगी?
लगभग ₹62,311 — आप ₹60,000 जमा करते हैं और करीब ₹2,311 ब्याज मिलता है।
RD की किस्त छूट जाए तो क्या होगा?
ज़्यादातर बैंक देर से जमा पर छोटा जुर्माना लेते हैं और कई महीने किस्त न भरने पर RD बंद कर सकते हैं। अपने बैंक के नियम देखें।
RD बेहतर है या SIP?
RD में तय और गारंटीड रिटर्न मिलता है; म्यूचुअल फंड SIP लंबे समय में ज़्यादा कमा सकती है लेकिन उसकी वैल्यू ऊपर-नीचे होती है। कई लोग छोटे लक्ष्यों के लिए RD चुनते हैं।